रांची: रांची के तमाड़ प्रखंड में प्रस्तावित मॉडल पीजी कॉलेज के निर्माण को लेकर जमीन चयन का मुद्दा अब विवाद का रूप लेता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए राज्यपाल को एक विस्तृत आवेदन सौंपा है।
आवेदन के माध्यम से ग्रामीणों ने कहा है कि कॉलेज के लिए वर्तमान में जिस स्थान का चयन किया जा रहा है, वह मुख्यालय से करीब 10 से 12 किलोमीटर दूर, दुर्गम और असुरक्षित क्षेत्र में स्थित है। ऐसे स्थान पर कॉलेज बनने से छात्र-छात्राओं को आवागमन में परेशानी होगी, साथ ही सुरक्षा संबंधी जोखिम भी बढ़ेंगे।
ग्रामीणों ने मांग की है कि तमाड़ थाना के समीप स्थित कृषि एवं पशुपालन विभाग की लगभग 40 एकड़ सरकारी भूमि पर ही मॉडल पीजी कॉलेज का निर्माण कराया जाए। उनका कहना है कि यह जमीन वर्षों से आंशिक उपयोग में है, जबकि इसका बड़ा हिस्सा अब भी खाली और परती पड़ा हुआ है।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि उक्त भूमि का केवल एक छोटा हिस्सा ही वर्तमान में उपयोग में लाया जा रहा है, जबकि अधिकांश जमीन अनुपयोगी पड़ी है। ऐसे में यदि इस जमीन का कुछ भाग उच्च शिक्षा विभाग को हस्तांतरित कर दिया जाए, तो सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकता है।
ग्रामीणों ने प्रशासन के उस प्रस्ताव पर भी सवाल उठाया है, जिसमें कॉलेज को मुख्यालय से दूर स्थापित करने की योजना है। उनका मानना है कि इस निर्णय से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी और नामांकन में भी कमी आ सकती है।
ग्रामीणों के अनुसार, यदि कॉलेज मुख्यालय के पास बनाया जाता है तो सभी पंचायतों के छात्रों को आसान पहुंच मिलेगी, आवागमन सुलभ होगा और छात्राओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। साथ ही आसपास के प्रखंडों के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी।
राज्यपाल ने ग्रामीणों की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि कॉलेज का निर्माण सुरक्षित और सुगम स्थान पर ही होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले को मुख्यमंत्री तक पहुंचाते हुए आवश्यक सुझाव दिए जाएंगे।
आवेदन सौंपने वालों में डा. दुर्गादास मोदक, रमेश मुंडा, अनिमा मल्लिक, श्रवण भगत और रवि प्रजापति समेत कई स्थानीय लोग शामिल रहे।
तमाड़ में मॉडल पीजी कॉलेज का मामला अब शिक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास और जनसुविधा से भी जुड़ गया है। अब देखना होगा कि सरकार इस पर क्या निर्णय लेती है।

















