उत्पाद सिपाही परीक्षा: पेपर लीक नहीं, सॉल्वर गैंग का करोड़ों का ठगी रैकेट बेनकाब, 164 पर कार्रवाई

तमाड़ में छापेमारी के बाद बड़ा खुलासा, JSSC ने कहा—अभ्यर्थियों को गुमराह कर वसूले जा रहे थे 10-15 लाख

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रांची: झारखंड में उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा को लेकर सामने आए कथित पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। JSSC और रांची पुलिस की संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ कर दिया गया है कि परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक नहीं हुआ था, बल्कि एक संगठित सॉल्वर गैंग द्वारा अभ्यर्थियों से ठगी की जा रही थी।

पेपर लीक का दावा फर्जी, सॉल्वर गैंग चला रहा था ठगी का नेटवर्क

JSSC के प्रभारी अध्यक्ष प्रशांत कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा पूरी तरह कदाचार मुक्त तरीके से सम्पन्न हुई है। परीक्षा के दौरान पेपर लीक की खबरें जरूर सामने आई थीं, लेकिन विस्तृत जांच में इसका कोई प्रमाण नहीं मिला।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने अभ्यर्थियों को गुमराह कर यह विश्वास दिलाया कि उनके पास असली प्रश्न पत्र है। इसी बहाने एक-एक अभ्यर्थी से 10 से 15 लाख रुपये तक की वसूली की जा रही थी।

तमाड़ में पुलिस की बड़ी छापेमारी, 159 अभ्यर्थी हिरासत में

रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक राकेश रंजन ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तमाड़ थाना क्षेत्र के एक निर्माणाधीन भवन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को इकट्ठा कर संदिग्ध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

सूचना के आधार पर देर रात संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया, जिसमें मौके से 159 अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें 7 महिला अभ्यर्थी भी शामिल हैं। साथ ही 5 सॉल्वर गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।

प्रिंटर, तैयार प्रश्न-उत्तर सेट, मोबाइल और बैंक चेक बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस को मौके से कई अहम सबूत मिले हैं, जिनमें प्रिंटर, प्रश्न-उत्तर के तैयार सेट, फटे हुए एडमिट कार्ड, संदिग्ध मोबाइल फोन और बैंक चेक शामिल हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गैंग के सदस्य अभ्यर्थियों को कथित प्रश्न पत्र और उसके उत्तर रटवा रहे थे। हालांकि जब इन प्रश्नों का असली परीक्षा प्रश्न पत्र से मिलान किया गया, तो कोई भी सवाल मैच नहीं हुआ।

देशभर में पेपर लीक कांड से जुड़ा है सरगना अतुल वत्स

इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड अतुल वत्स है, जो बिहार के जहानाबाद जिले का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार उसका आपराधिक इतिहास काफी लंबा है और वह पहले भी कई बड़े परीक्षा घोटालों में शामिल रह चुका है।

उसका नाम राजस्थान क्लर्क भर्ती परीक्षा 2017, NEET पेपर लीक 2024, बिहार CHO भर्ती 2024, यूपी RO/ARO परीक्षा 2024 और यूपी सिपाही भर्ती परीक्षा 2024 जैसे मामलों में सामने आ चुका है। यूपी STF द्वारा उसे पहले गिरफ्तार भी किया जा चुका है।

164 आरोपियों पर केस दर्ज, आगे की छापेमारी जारी

पुलिस ने इस मामले में कुल 164 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कार्रवाई की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है।

घटना स्थल से 8 वाहनों को भी जब्त किया गया है, जिन्हें जांच के दायरे में रखा गया है।

दोषी अभ्यर्थियों पर आजीवन प्रतिबंध

JSSC ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए साफ कर दिया है कि जिन अभ्यर्थियों की संलिप्तता सामने आएगी, उन्हें आजीवन डिबार किया जाएगा। ऐसे अभ्यर्थी भविष्य में किसी भी सरकारी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे।

अफवाह के पीछे ठगी का बड़ा खेल, अभ्यर्थियों से अपील—सतर्क रहें

इस पूरे मामले ने यह साफ कर दिया है कि पेपर लीक की अफवाह के नाम पर एक बड़ा ठगी नेटवर्क सक्रिय था, जो बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाकर लाखों रुपये की ठगी कर रहा था।

प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के झांसे में न आएं और केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें।

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