रांची: उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक और सॉल्वर गैंग मामले में सोमवार को बड़ी कार्रवाई के तहत कुल 166 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इनमें 152 पुरुष, 7 महिला अभ्यर्थी, सॉल्वर गैंग के 5 मुख्य सरगना और 2 चालक शामिल हैं।
प्रक्रिया सुबह से शुरू, थाना परिसर में जुटी भीड़

सुबह से ही बुंडू अनुमंडल क्षेत्र के विभिन्न थाना प्रभारियों द्वारा कागजी प्रक्रिया पूरी की गई। इस दौरान तमाड़ थाना परिसर के बाहर अभ्यर्थियों के परिजनों की भीड़ जुटी रही। वही वाहनों की कतार भी देखी गई, जिससे क्षेत्र में हलचल का माहौल बना रहा।
मेडिकल जांच के बाद कोर्ट के लिए रवाना
तमाड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सवित्री कुजूर के नेतृत्व में मेडिकल टीम थाना पहुंची। सभी आरोपियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद तमाड़ थाना प्रभारी प्रवीण कुमार मोदी के नेतृत्व में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आरोपियों को चार बसों में बैठाकर रांची सिविल कोर्ट ले जाया गया।
कोर्ट परिसर में अतिरिक्त सतर्कता, समूह में पेशी
एक साथ बड़ी संख्या में आरोपियों के कोर्ट परिसर पहुंचने के कारण सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। आरोपियों की पेशी ए.जे.सी.-1 योगेश कुमार की अदालत में कराई गई, जहां 25-25 के समूह में सुनवाई की प्रक्रिया पूरी की गई।
पांच सरगना समेत सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में
पेशी के बाद सभी 166 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सरगना—अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद—भी शामिल हैं, जिनके विभिन्न राज्यों से जुड़े होने की बात सामने आई है।
लेन-देन के सबूत, बैंक चेक का भी इस्तेमाल
जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया है कि कुछ अभ्यर्थियों ने भुगतान के लिए बैंक चेक का उपयोग किया था। पुलिस अब इस पूरे मामले में आर्थिक लेन-देन और नेटवर्क के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गहन जांच जारी है। आने वाले दिनों में इस सॉल्वर गैंग से जुड़े और लोगों की संलिप्तता सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

















