खाड़ी देशों में युद्ध का असर जमशेदपुर तक, सदर अस्पताल में गैस संकट से मरीजों का खाना लकड़ी-कोयले के चूल्हे पर पक रहा

गैस सिलेंडर नहीं मिलने से अस्पताल की रसोई प्रभावित, धुएं के बीच लकड़ी-कोयले के चूल्हे पर पकाया जा रहा मरीजों का भोजन

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जमशेदपुर: खाड़ी देशों में चल रहे युद्ध का असर अब स्थानीय स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। जमशेदपुर के खासमहल स्थित सदर अस्पताल में रसोई गैस की किल्लत के कारण मरीजों के भोजन की व्यवस्था प्रभावित हो गई है। गैस सिलेंडर की अनुपलब्धता के चलते अस्पताल की रसोई में इन दिनों लकड़ी और कोयले के चूल्हे पर भोजन पकाया जा रहा है। रसोई से उठता धुआं अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।

जानकारी के अनुसार सदर अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए प्रतिदिन भोजन तैयार किया जाता है। लेकिन पिछले दो दिनों से रसोई गैस की आपूर्ति नहीं होने के कारण अस्पताल की रसोई में खाना बनाना मुश्किल हो गया। ऐसे में मरीजों को समय पर भोजन उपलब्ध कराने के लिए भोजन वेंडर ने वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए अस्पताल परिसर के पीछे लकड़ी और कोयले के चूल्हे पर भोजन बनाना शुरू कर दिया।

भोजन वेंडर ने बताया कि रसोई गैस सिलेंडर नहीं मिलने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गैस की आपूर्ति बाधित होने से मरीजों के लिए समय पर भोजन तैयार करना चुनौतीपूर्ण हो गया था। मरीजों को भूखा न रहना पड़े, इसे ध्यान में रखते हुए मजबूरी में चूल्हे की व्यवस्था करनी पड़ी। हालांकि धुएं के बीच खाना बनाना रसोइयों के लिए काफी मुश्किल भरा हो गया है।

रसोई में काम करने वाले कर्मचारियों का कहना है कि लकड़ी और कोयले के चूल्हे पर भोजन बनाना काफी कठिन होता है और इससे धुआं भी अधिक निकलता है। बावजूद इसके मरीजों की डाइट में किसी तरह की देरी न हो, इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।

भोजन वेंडर ने बताया कि गैस सिलेंडर की कमी और चूल्हे पर भोजन पकाने की मजबूरी की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को मौखिक रूप से दे दी गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी, जिसके बाद अस्पताल की भोजन व्यवस्था भी पहले की तरह सुचारू रूप से चलने लगेगी।

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