सिल्ली पुलिस की पहल से हिंडाल्को आंदोलन में बनी सहमति, तड़के वार्ता के बाद रांची-पुरुलिया मार्ग से हटा जाम

रातभर प्रयास के बाद सुबह 3 बजे हुई वार्ता

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रांची: रांची जिले के मुरी में हिंडाल्को प्रबंधन से जुड़े श्रमिकों और विस्थापितों के मुद्दों को लेकर चल रहा आंदोलन मंगलवार तड़के वार्ता के बाद शांत हुआ। सोमवार शाम बातचीत नहीं होने के बाद विधायक अमित कुमार महतो के नेतृत्व में आंदोलनकारियों ने रांची-पुरुलिया मुख्य सड़क को जाम कर दिया था। रातभर चले गतिरोध के बीच सिल्ली पुलिस की लगातार पहल के बाद मंगलवार सुबह करीब 3 बजे हिंडाल्को प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी जाम स्थल पर पहुंचे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत हुई और सड़क जाम हटाने का फैसला लिया गया।

रातभर बातचीत कराने में जुटी रही सिल्ली पुलिस

सड़क जाम के बाद सिल्ली पुलिस ने मामले को बातचीत के जरिए सुलझाने की दिशा में लगातार प्रयास किया। सिल्ली DSP मनीष चंद्र लाल, सिल्ली थाना प्रभारी नवीन कुमार और मुरी ओपी प्रभारी ने हिंडाल्को प्रबंधन और विधायक अमित महतो के बीच वार्ता कराने के लिए लगातार संपर्क और समन्वय किया।

पुलिस की पहल का नतीजा मंगलवार तड़के सामने आया, जब हिंडाल्को मुरी वर्क्स के यूनिट हेड संदीप पाटिल, HR Head प्रमोद कुलहर और संजय श्रीवास्तव जाम स्थल पर पहुंचे।

तड़के 3 बजे हुई प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच वार्ता

हिंडाल्को अधिकारियों के जाम स्थल पर पहुंचने के बाद विधायक अमित महतो, आंदोलनकारियों और प्रबंधन के बीच बातचीत हुई। वार्ता के दौरान आंदोलनकारियों की ओर से उठाई गई मांगों पर प्रबंधन की ओर से सहमति जताए जाने की बात सामने आई है।

इसके बाद रांची-पुरुलिया मुख्य सड़क से जाम हटाने का निर्णय लिया गया।

हालांकि, विधायक और आंदोलनकारियों के मुताबिक मांगों पर सहमति तो बनी, लेकिन प्रबंधन की ओर से इसे लिखित रूप में नहीं दिया गया है। ऐसे में अब आगे इन मांगों पर कंपनी की ओर से क्या कार्रवाई होती है, इस पर नजर रहेगी।

अमित महतो ने दी आगे आंदोलन की चेतावनी

वार्ता के बाद विधायक अमित कुमार महतो ने कहा कि बातचीत में उनकी ओर से रखी गई मांगों पर प्रबंधन ने सहमति जताई है। हालांकि, यदि भविष्य में प्रबंधन अपने आश्वासन से पीछे हटता है या मांगों पर अमल नहीं होता है, तो दोबारा जोरदार आंदोलन किया जाएगा।

8 सितंबर को उठाए गए थे 20 मुद्दे

इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में विधायक अमित कुमार महतो का 8 सितंबर को हिंडाल्को प्रबंधन को भेजा गया पत्र है। इसमें श्रमिकों, स्थानीय युवाओं और विस्थापितों से जुड़े 20 मुद्दे उठाए गए थे।

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देना, कंपनी के रिक्त पदों को सार्वजनिक करना और जिन लोगों की जमीन कंपनी के लिए ली गई है, उन्हें सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना शामिल था।

इसके अलावा मजदूरों के कथित शोषण पर रोक लगाने, ड्यूटी के दौरान हताहत या सेवानिवृत्त कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने और स्थानीय लोगों को ठेकेदारी में अवसर देने की मांग भी उठाई गई थी।

टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितता और कमीशनखोरी पर रोक लगाने की मांग भी आंदोलनकारियों की ओर से की गई थी। इन आरोपों को आंदोलनकारियों की ओर से उठाए गए मुद्दों के रूप में देखा जा रहा है।

18 सितंबर को प्रबंधन ने दिया था जवाब

8 सितंबर के पत्र के बाद 18 सितंबर को हिंडाल्को प्रबंधन की ओर से विधायक को जवाब दिया गया था। कंपनी ने अपने जवाब में कर्मचारियों और संविदा श्रमिकों के कल्याण, सुरक्षा, स्वास्थ्य और वैधानिक अधिकारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई थी।

वहीं, विधायक अमित महतो ने प्रबंधन के जवाब पर असंतोष जताते हुए आमने-सामने बातचीत के जरिए सभी मुद्दों का समाधान निकालने की मांग की थी।

इसके बाद 25 सितंबर को विधायक की ओर से प्रबंधन को दोबारा पत्र भेजा गया और श्रमिक प्रतिनिधियों के साथ बातचीत कर मांगों पर ठोस पहल करने की मांग रखी गई।

सोमवार शाम जाम से मंगलवार तड़के वार्ता तक

रविवार रात से विधायक अमित महतो के नेतृत्व में हिंडाल्को के मुख्य गेट के सामने धरना चल रहा था। सोमवार सुबह से HR Head और Unit Head को बातचीत के लिए बुलाया जा रहा था।

आंदोलनकारियों के मुताबिक, प्रबंधन की ओर से बातचीत के लिए आने की बात कही गई थी, लेकिन सोमवार शाम करीब 7 बजे तक कोई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद आंदोलनकारियों ने रांची-पुरुलिया मुख्य सड़क को जाम कर दिया।

रातभर सड़क जाम रहने के बाद सिल्ली पुलिस ने बातचीत कराने के प्रयास जारी रखे। आखिरकार मंगलवार सुबह करीब 3 बजे हिंडाल्को के वरिष्ठ अधिकारी जाम स्थल पर पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच वार्ता हुई।

पुलिस की पहल से टला लंबा गतिरोध

पूरे घटनाक्रम में सिल्ली पुलिस की भूमिका बातचीत का रास्ता खोलने में महत्वपूर्ण रही। सिल्ली DSP मनीष चंद्र लाल, सिल्ली थाना प्रभारी नवीन कुमार और मुरी ओपी प्रभारी ने लगातार दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कराने का प्रयास किया।

वार्ता के बाद सड़क जाम हटा दिया गया और मामले को बातचीत के जरिए आगे बढ़ाने की स्थिति बनी। हालांकि, लिखित समझौता नहीं होने के कारण अब इन मांगों पर प्रबंधन की ओर से होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी।

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