खूंटी में पीएलएफआई के नाम पर लेवी वसूली का भंडाफोड़, अवैध हथियार सप्लाई करने वाला अजीम हव्वारी गिरफ्तार

पूर्व नक्सली सदस्य ने बनाया था अपना गिरोह, व्यवसायियों से रंगदारी और हथियार-गोली की खरीद-बिक्री का चला रहा था नेटवर्क

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खूंटी:झारखंड के खूंटी जिले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। प्रतिबंधित नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के नाम पर लेवी वसूली, अवैध हथियार रखने और हथियार-गोली की खरीद-बिक्री के मामले में खूंटी थाना पुलिस ने एक कुख्यात आरोपी को गिरफ्तार किया है।

गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने अजीम हव्वारी उर्फ मो. अजीम हव्वारी उर्फ हिमांशु (उम्र करीब 36 वर्ष), पिता–मो. सज्जाद हव्वारी, निवासी लियाकतअली लेन, थाना एवं जिला खूंटी को उसके घर से गिरफ्तार किया।

अलग गिरोह बनाकर चला रहा था रंगदारी और हथियार का नेटवर्क

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले पीएलएफआई संगठन से जुड़ा रहा था। वर्तमान में उसने अपना अलग गिरोह बना लिया था और संगठन के नाम का भय दिखाकर क्षेत्र के व्यवसायियों और आम लोगों से लेवी की मांग करता था।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पीएलएफआई से जुड़े हथियार और गोलियों को कपड़ों में छिपाकर अलग-अलग लोगों को बेचता था। उसका उद्देश्य क्षेत्र में दहशत का माहौल बनाकर अवैध वसूली करना था।

थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

खूंटी थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गुप्त सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की। सूचना का सत्यापन करने के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी अभियान चलाया और आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।

कार्रवाई के दौरान तकनीकी और मानव स्रोतों का प्रभावी उपयोग किया गया। थाना स्तर पर लगातार चलाए जा रहे अभियान के तहत लेवी, अवैध हथियार और आपराधिक गतिविधियों में शामिल तत्वों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

वरुण रजक, एसडीपीओ, खूंटी ने किया पूरे मामले का खुलासा

इस संबंध में एसडीपीओ खूंटी वरुण रजक ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि पीएलएफआई के नाम पर लेवी वसूली और अवैध हथियारों का नेटवर्क संचालित किया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की गई और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्होंने बताया कि गिरफ्तार अपराधी पूर्व में पीएलएफआई का सक्रिय सदस्य रहा है, लेकिन बाद में उसने अलग गिरोह बनाकर लूट, रंगदारी और हथियार के बल पर आपराधिक घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया था।

एसडीपीओ ने कहा कि पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी के गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं, हथियार कहां से लाए जाते थे और अब तक कितने लोगों को हथियार सप्लाई किए गए हैं। जिले में प्रतिबंधित संगठनों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

आरोपी का लंबा आपराधिक इतिहास

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अजीम हव्वारी के खिलाफ पहले से कई गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें लेवी वसूली, लूट, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और फायरिंग जैसी घटनाएं शामिल हैं।

वर्ष 2012 में पीएलएफआई के नाम पर लेवी वसूली और चोरी की मोटरसाइकिल के साथ पकड़ा गया था। इसके अलावा 2019 में अवैध हथियार रखने, 2023 में लूट और रंगदारी तथा 2025 में फायरिंग कर क्षेत्र में दहशत फैलाने के मामलों में भी वह आरोपी रह चुका है।

छापेमारी टीम में शामिल रहे पुलिस अधिकारी

इस कार्रवाई में एसडीपीओ वरुण रजक, थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह, अनुसंधानकर्ता अधिकारी सहित खूंटी थाना के अन्य पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

खूंटी पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नक्सल और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि लेवी वसूली, अवैध हथियार रखने और क्षेत्र में दहशत फैलाने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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