दुमका में इंस्पेक्टर ऑफिस परिसर में हुए मां-बेटी हत्याकांड का खुलासा
दुमका: दुमका के बहुचर्चित मां-बेटी हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह सनसनीखेज वारदात वीर कुंवर सिंह चौक स्थित इंस्पेक्टर कार्यालय परिसर में हुई थी, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय जानकारी और तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंचने में सफलता हासिल की है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान जैनुल अंसारी के रूप में हुई है, जो पेशे से वाहन चालक है और मुफस्सिल थाना क्षेत्र के गांदो का रहने वाला बताया जा रहा है।
गलत नीयत से ले गया, विरोध पर की निर्मम हत्या
पुलिस के अनुसार घटना मंगलवार रात की है। मृत महिला पहाड़िया आदिवासी समुदाय से थी और मजदूरी कर अपनी बच्ची के साथ जीवन यापन करती थी। मंगलवार शाम वह अपनी 6 साल की बेटी के साथ वीर कुंवर सिंह चौक पर खड़ी थी।
इसी दौरान आरोपी की नजर मां-बेटी पर पड़ी। उन्हें अकेला देख उसने महिला को बहला-फुसलाकर इंस्पेक्टर कार्यालय के पीछे सुनसान जगह पर ले गया। वहां आरोपी ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। जब महिला ने विरोध किया तो आरोपी ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
पहचान छुपाने के लिए मासूम को भी मार डाला
पुलिस जांच में सामने आया कि महिला की हत्या के बाद आरोपी को अपनी पहचान उजागर होने का डर सताने लगा। इसी डर से उसने महिला की 6 साल की मासूम बेटी को भी अपने गमछे से गला दबाकर मार डाला और मौके से फरार हो गया।
बुधवार सुबह स्थानीय लोगों की सूचना पर मां-बेटी के शव बरामद किए गए, जिसके बाद इलाके में सनसनी फैल गई और पुलिस ने जांच तेज कर दी।
सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सबूत
एसपी पीतांबर सिंह खैरवार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि घटना के खुलासे में सीसीटीवी फुटेज अहम साबित हुआ। फुटेज में आरोपी मां-बेटी को अपने साथ ले जाते हुए साफ दिखाई दिया।
इसके बाद पुलिस ने आसपास के दुकानदारों से पूछताछ की, जिससे आरोपी की पहचान और उसका मोबाइल नंबर मिला। मोबाइल स्विच ऑफ मिलने के बाद पुलिस का शक और गहरा गया। तकनीकी सेल की मदद से लोकेशन ट्रैक कर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के दौरान आरोपी के पास से महिला से छीने गए करीब 5 हजार रुपये और बैंक पासबुक भी बरामद की गई है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इंस्पेक्टर कार्यालय परिसर जैसे संवेदनशील इलाके में हुए इस दोहरे हत्याकांड ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद लोगों में आक्रोश और दहशत का माहौल है।
फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है। इस घटना ने एक बार फिर महिला और बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

















