गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले के रंका प्रखंड स्थित बांदु गांव में इस बार रामनवमी जुलूस को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। मुस्लिम बहुल इस इलाके से जुलूस निकालने को लेकर उत्पन्न स्थिति के बीच पुलिस को अलग से शांति समिति की बैठक आयोजित करनी पड़ी, जिसके बाद अब जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से निकालने पर सहमति बन गई है।
जानकारी के अनुसार, पहले इस गांव में रामनवमी जुलूस निकालने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती थी। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में स्थिति में बदलाव देखने को मिला, जिससे जुलूस के मार्ग को लेकर विवाद की स्थिति बनने लगी थी। इसी को देखते हुए प्रशासन ने पहले रंका थाना स्तर पर शांति समिति की बैठक की, उसके बाद जिला स्तरीय बैठक भी आयोजित की गई।
हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने बांदु गांव में अलग से विशेष शांति समिति की बैठक बुलाई, जिसमें दोनों समुदायों के लोगों को शामिल किया गया। बैठक में आपसी सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया कि रामनवमी का जुलूस मुस्लिम बहुल इलाके से निकलेगा, लेकिन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से।
बैठक में यह भी तय किया गया कि जुलूस के दौरान ऐसे किसी भी गाने या नारे का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा, जिससे दूसरे समुदाय की भावनाएं आहत हो सकती हैं। साथ ही ध्वनि विस्तारक यंत्र (साउंड सिस्टम) को धीमी आवाज में बजाने का निर्देश दिया गया है।
रंका के एसडीपीओ रोहित रंजन सिंह ने बताया कि कर्बला मस्जिद के पास जुलूस को रोका नहीं जाएगा, बल्कि लगातार आगे बढ़ते हुए निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि दोनों समुदायों के बुजुर्गों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरे इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील करने की तैयारी है और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी या कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रामनवमी जैसे महत्वपूर्ण त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

















