रांची: पारंपरिक ग्राम व्यवस्था, प्रशासनिक रिक्तियां और बढ़ते पेयजल संकट को लेकर तमाड़ प्रखंड ग्राम प्रधान संघ ने सोमवार को रांची उपायुक्त के समक्ष अपनी आवाज बुलंद की। ग्राम प्रधान संघ के तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात कर छह सूत्री मांग पत्र सौंपा और प्रखंड क्षेत्र की जमीनी समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में ग्राम प्रधान संघ के अध्यक्ष यदु गोपाल सिंह मुण्डा, सचिव राधा गोविन्द सिंह मुण्डा एवं लक्ष्मण सिंह मुंडा शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि तमाड़ प्रखंड के कई गांव आज भी प्रशासनिक रिक्तियों और मूलभूत सुविधाओं की कमी से प्रभावित हैं, जिससे ग्रामीणों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान संघ ने मांग पत्र में सबसे पहले तमाड़ प्रखंड में रिक्त पड़े ग्राम प्रधान एवं डाकुआ पदों पर शीघ्र नियुक्ति की मांग उठाई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक प्रशासनिक व्यवस्था गांवों की सामाजिक और प्रशासनिक संरचना का अहम हिस्सा है, लेकिन लंबे समय से पद रिक्त रहने के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने मानकी, मुंडा, ग्राम प्रधान और डाकुआ को मिलने वाली सम्मान राशि के लंबित भुगतान का मुद्दा भी उठाया। संघ का कहना था कि सरकार की ओर से सम्मान राशि की घोषणा के बावजूद समय पर भुगतान नहीं होने से पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े लोगों में नाराजगी है।
गर्मी के मौसम में बढ़ती पेयजल समस्या को लेकर भी ग्राम प्रधान संघ ने चिंता जताई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि प्रखंड क्षेत्र के कई गांवों में चापाकल खराब पड़े हैं, जबकि कई सोलर आधारित पेयजल टंकियां भी बंद हैं। इससे ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। संघ ने खराब पड़े चापाकलों और सोलर पेयजल टंकियों की अविलंब मरम्मत कराने की मांग की।
इसके अलावा पंचायत स्तरीय योजनाओं में ग्राम सभा की भूमिका को अनिवार्य करने तथा पेसा एक्ट नियमावली के अनुरूप पारंपरिक ग्राम सभाओं को मजबूत करने की मांग भी रखी गई। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा को मजबूत किए बिना योजनाओं का सही क्रियान्वयन संभव नहीं है।
ग्राम प्रधान संघ ने तमाड़ प्रखंड में लंबे समय से रिक्त पड़े प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के पद पर शीघ्र पदस्थापन की भी मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बीडीओ का पद खाली रहने से विकास योजनाओं के संचालन और प्रशासनिक कार्यों पर असर पड़ रहा है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त रांची ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उपायुक्त ने बीडीओ की नियुक्ति को लेकर जल्द पत्राचार करने का निर्देश दिया, ताकि प्रखंड में प्रशासनिक व्यवस्था सुचारु हो सके।
वहीं उपायुक्त ने ग्राम प्रधानों को मिलने वाली सम्मान राशि जल्द जारी करने का आश्वासन दिया। उन्होंने मौके पर ही अंचलाधिकारी समरेश प्रसाद भंडारी को फोन कर रिक्त ग्राम प्रधान एवं डाकुआ पदों सहित अन्य जनसमस्याओं की विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि नियमानुसार जल्द कार्रवाई कर समस्याओं का समाधान किया जा सके।

















