रांची: झारखंड सरकार के निर्देश पर राज्यभर में चलाए जा रहे नशा मुक्ति जन-जागरूकता अभियान के तहत गुरुवार को रांची के बुंडू स्थित रमेश सिंह मुंडा प्लस टू हाई स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभाव, मानव तस्करी, साइबर अपराध और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।
इस अवसर पर बुंडू डीएसपी ओम प्रकाश, बुंडू थाना इंस्पेक्टर जयदीप टोप्पो, महिला थाना प्रभारी खुशबू कुमारी, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान की जानकारी देते हुए जीवन में शिक्षा, अनुशासन और सही संगति के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
युवाओं को नशे से दूर रहने का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि गांजा, अफीम, चरस सहित अन्य मादक पदार्थ युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर देते हैं। नशे की लत व्यक्ति को अपराध, हिंसा और सामाजिक पतन की ओर ले जाती है। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहें, पढ़ाई पर ध्यान दें और अपने परिवार व समाज का नाम रोशन करें।
महिला थाना प्रभारी खुशबू कुमारी ने छात्र-छात्राओं को मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग), साइबर अपराध तथा महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि, लालच या झांसे में आने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
डीएसपी ओम प्रकाश ने की जनसहयोग की अपील
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएसपी ओम प्रकाश ने कहा कि झारखंड सरकार का उद्देश्य राज्य को पूरी तरह नशामुक्त बनाना है। इसी लक्ष्य को लेकर पुलिस लगातार स्कूलों, गांवों और सार्वजनिक स्थलों पर जागरूकता अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई केवल पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि गांजा, अफीम, चरस अथवा अन्य मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री और तस्करी में शामिल लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डीएसपी ने आम लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी नशे का अवैध कारोबार संचालित होने की जानकारी मिले तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी तथा नशे के कारोबारियों को पकड़वाने में सहयोग करने वाले लोगों को नियमानुसार नकद पुरस्कार भी दिया जाएगा।
नशामुक्त समाज बनाने का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं पुलिस अधिकारियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया। विद्यार्थियों ने शपथ ली कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे और अपने परिवार, मित्रों तथा समाज के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जनजागरूकता, जनसहयोग और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही नशामुक्त झारखंड का सपना साकार किया जा सकता है। इसी उद्देश्य के साथ जिले के विभिन्न विद्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों में आगे भी ऐसे जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।

















