रांची के तमाड़ में पीजी कॉलेज के लिए थाना से सटी जमीन पर जोर, सांसद कालीचरण मुंडा ने दिया भरोसा

स्थानीय प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन, कहा—सुरक्षित और सुलभ स्थान पर ही बने महाविद्यालय

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रांची:रांची के तमाड़ प्रखंड में प्रस्तावित सरकारी पीजी महाविद्यालय के निर्माण को लेकर अब स्थानीय स्तर पर आवाज तेज हो गई है। इसको लेकर व्यवसायियों एवं बुद्धिजीवी वर्ग के प्रतिनिधिमंडल ने खूंटी लोकसभा क्षेत्र के सांसद कालीचरण मुंडा से मुलाकात कर उन्हें विस्तृत ज्ञापन सौंपा और उपयुक्त भूमि चयन की मांग उठाई।

प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में मौजा–तमाड़, खाता संख्या–854, प्लॉट संख्या–1148, 1155, 1156 एवं 1157 की लगभग 10 एकड़ भूमि को महाविद्यालय निर्माण के लिए चिन्हित करने का प्रस्ताव दिया। यह भूमि वर्तमान में कृषि एवं पशुपालन विभाग के अधीन है, जिसे उच्च शिक्षा विभाग को हस्तांतरित करने की मांग की गई है।

थाना के पास जमीन को बताया सबसे सुरक्षित विकल्प

ग्रामीणों और प्रतिनिधियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि उक्त भूमि तमाड़ थाना से सटी हुई है, जिससे यहां सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर माहौल उपलब्ध होगा। साथ ही यह स्थान प्रखंड मुख्यालय के नजदीक होने के कारण छात्रों के लिए आसानी से पहुंच योग्य है।

उनका मानना है कि यदि कॉलेज इसी स्थान पर बनता है, तो पूरे विधानसभा क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

दूरस्थ स्थान पर कॉलेज बनाने का विरोध

प्रतिनिधिमंडल ने इस बात पर भी चिंता जताई कि यदि महाविद्यालय को किसी दूरस्थ या दुर्गम क्षेत्र में स्थापित किया जाता है, तो इससे इसकी उपयोगिता पर असर पड़ेगा।

छात्रों को आवागमन में कठिनाई होगी और विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बन सकता है। ऐसे में जनहित को ध्यान में रखते हुए सुलभ स्थान का चयन आवश्यक बताया गया।

सांसद ने दिया सकारात्मक आश्वासन

मामले को गंभीरता से लेते हुए सांसद कालीचरण मुंडा ने इस प्रस्ताव को उचित बताते हुए सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि तमाड़ क्षेत्र में उच्च शिक्षा का मजबूत ढांचा तैयार करना समय की मांग है और इसके लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।

सांसद ने यह भी कहा कि वे कृषि एवं पशुपालन विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर इस दिशा में पहल करेंगे।

“सुरक्षा, पहुंच और विकास—तीनों जरूरी”

सांसद ने कहा कि थाना से सटे क्षेत्र में महाविद्यालय निर्माण कई दृष्टिकोण से लाभकारी होगा।

– छात्रों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा

– आवागमन की सुविधा बेहतर होगी

– क्षेत्र में एक केंद्रीय शिक्षा केंद्र विकसित होगा

साथ ही उपलब्ध सरकारी भूमि का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

पहले भी उठ चुकी है मांग, वैकल्पिक स्थल पर नाराजगी

गौरतलब है कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी ग्रामीणों द्वारा राज्य सरकार, जिला प्रशासन और राज्यपाल को आवेदन दिया जा चुका है।

वर्तमान में प्रस्तावित वैकल्पिक स्थल को लेकर स्थानीय लोगों में असंतोष है, जिसके कारण यह मुद्दा लगातार चर्चा में बना हुआ है।

जनभावना का सम्मान करने की बात

सांसद कालीचरण मुंडा ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते जनभावनाओं का सम्मान करना उनकी प्राथमिकता है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस महत्वपूर्ण शैक्षणिक परियोजना को सही दिशा में आगे बढ़ाने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे, ताकि क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शिक्षा सुविधाएं मिल सकें।

प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल

इस मौके पर प्रतिनिधिमंडल में दिनेश स्वर्णकार, संजय गुप्ता, विजय गुप्ता, संदीप गुप्ता, रमेश कुमार मुंडा, पिंकू गुप्ता, सुजीत गुप्ता, अशोक महतो, श्रवण भगत, अनिमा मल्लिक, श्रीमती नंदा नायक, अमित सिंहा एवं डॉ. दुर्गादास मोदक सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।

स्थानीय लोगों ने सरकार से मांग की है कि छात्रों के हित और क्षेत्रीय जनभावना को ध्यान में रखते हुए तमाड़ थाना से सटी इस उपयुक्त भूमि पर ही शीघ्र पीजी महाविद्यालय निर्माण का निर्णय लिया जाए।

यह परियोजना क्षेत्र के शैक्षणिक विकास के साथ-साथ युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

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