खूंटी: झारखंड के खूंटी जिले के मुरहू में रामनवमी के दौरान हुई घटना को लेकर मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इसी क्रम में भाजपा का एक छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल खूंटी पहुँचा और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी ली।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश उपाध्यक्ष बालमुकुंद सहाय, नीलकंठ सिंह मुंडा, राकेश प्रसाद, हटिया विधायक सह पार्टी सचेतक नवीन जायसवाल, भाजपा कार्यकर्ता सुनील साहू और सीमा शर्मा शामिल थे।
खूंटी पहुंचने के बाद प्रतिनिधिमंडल ने खूंटी क्लब में रामनवमी महासमिति, विहिप, बजरंग दल समेत विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों के साथ बैठक की। इस दौरान मुरहू में रामनवमी के दिन निकली शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव की घटना और उसके अगले दिन 28 मार्च को हुए कथित हमले की पूरी जानकारी ली गई।
बैठक में मौजूद लोगों ने बताया कि रामनवमी के दिन शोभायात्रा के दौरान अचानक पथराव शुरू हो गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग इधर-उधर भागने लगे। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई थी।
इसके बाद 28 मार्च को मुरहू में कुछ लोगों पर हमले की घटना सामने आई, जिसे लेकर स्थानीय लोगों ने अपनी चिंता जाहिर की और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।
प्रतिनिधिमंडल के समक्ष स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन को पहले से संभावित विवाद की जानकारी होने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई। वहीं घटना के बाद की गई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी कई तरह की शिकायतें सामने आईं।
कुछ लोगों ने कहा कि दर्ज मामलों में निर्दोष लोगों के नाम शामिल कर दिए गए हैं, जबकि वास्तविक आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। वहीं कुछ परिवारों ने पुलिस की कार्रवाई के दौरान देर रात घरों में पहुंचने और तलाशी की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने इन सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की जानकारी वरीय पुलिस अधिकारियों—एसपी, एसएसपी और डीआईजी—को दी जाएगी, ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी कहा कि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखना सबसे जरूरी है और किसी भी प्रकार की अफवाह से बचने की जरूरत है।
फिलहाल, प्रशासन की ओर से क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है। वहीं स्थानीय स्तर पर लोग अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है और दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।

















