खूंटी: झारखंड के खूंटी जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई से जुड़े लेवी वसूली गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में छह अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अपराधियों के पास से अवैध हथियार, जिंदा कारतूस, मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज और लेवी वसूली से जुड़े कई कागजात बरामद किए गए हैं।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि खूंटी थाना क्षेत्र के तजना नदी के पास नहर किनारे कुछ अपराधी कार से पहुंचकर अवैध हथियार के साथ लेवी की राशि लेने और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद तत्काल छापेमारी दल का गठन किया गया।
पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तजना नदी के पास नहर किनारे से विजय भोक्ता, धीरज कुमार और अभिषेक कुमार उर्फ अभिषेक राम को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान इन अपराधियों ने अपने अन्य साथियों के रांची की ओर भागने की जानकारी दी।
इसके बाद पुलिस ने कालामाटी टुंगरी के पास एक XUV-500 कार का पीछा करते हुए शुभम कुमार पोद्दार, निमिस गोप उर्फ हनी और राम अयोध्या शर्मा उर्फ राजा शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया।
एसडीपीओ वरुण कुमार रजक के नेतृत्व में सफल ऑपरेशन
इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) वरुण कुमार रजक ने किया। उनकी अगुवाई में खूंटी थाना पुलिस ने त्वरित रणनीति बनाकर अपराधियों को दबोचने में सफलता हासिल की।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार सूचना मिलने के बाद तुरंत टीम का गठन किया गया और योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की गई, जिसके कारण अपराधियों को भागने का मौका नहीं मिल सका। पुलिस की सक्रियता के कारण लेवी वसूली और संभावित बड़ी वारदात की साजिश समय रहते नाकाम कर दी गई।
अपराधियों के पास से हथियार और कई दस्तावेज बरामद
गिरफ्तार अपराधियों के पास से पुलिस ने एक देशी पिस्टल (7.65 एमएम), दो स्टील मैगजीन, 22 जिंदा कारतूस (7.65 एमएम) और कुल 14 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके अलावा दो बैंक एटीएम कार्ड, अलग-अलग नामों के सात बैंक पासबुक, चेकबुक और पैन कार्ड भी जब्त किए गए हैं।
बरामद दस्तावेजों में इंडियन ओवरसीज बैंक के आठ चेक, केनरा बैंक के नौ चेक और कोटक महिंद्रा बैंक के तीन चेक शामिल हैं। इसके अलावा अलग-अलग नामों से खरीदे गए मोबाइल फोन के पांच रसीद, पीएलएफआई संगठन के पांच पर्चे, तीन नोटबुक तथा व्यवसायियों के नाम, पता और मोबाइल नंबर दर्ज दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने जमीन एग्रीमेंट से जुड़े कागजात भी जब्त किए हैं। वहीं अपराधियों के इस्तेमाल में लाई जा रही एक स्विफ्ट कार (JH01EU2791) और एक XUV-500 कार (JH01BJ0012) भी पुलिस ने बरामद की है।
पीएलएफआई के नाम पर मांगते थे लेवी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे व्यवसायियों और ठेकेदारों के नाम, पता और मोबाइल नंबर इकट्ठा कर जेल में बंद पीएलएफआई संगठन के सदस्यों को भेजते थे। इसके बाद मोबाइल ऐप और वर्चुअल नंबर के जरिए व्यवसायियों को फोन और व्हाट्सएप संदेश भेजकर लेवी की मांग की जाती थी।
लेवी नहीं देने पर संगठन के सक्रिय सदस्यों के माध्यम से फायरिंग कर दहशत फैलाने और धमकी भरे पर्चे जारी किए जाते थे।
कई कांडों में रही संलिप्तता
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार अपराधियों की संलिप्तता जिले में पहले हुई कई घटनाओं में रही है। इनमें 2 दिसंबर 2025 को पिपराटोली चौक स्थित शराब दुकान में बम फोड़कर पर्चा फेंकने की घटना, 24 दिसंबर 2025 को डुंडुगिया स्थित क्रशर प्लांट में फायरिंग कर लेवी मांगने की घटना तथा 23 फरवरी 2026 को शराब व्यवसायी को मोबाइल फोन से धमकी देकर लेवी मांगने का मामला शामिल है।
इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता 2023, आर्म्स एक्ट 1959 और सीएलए एक्ट के तहत केस दर्ज हैं।
छापेमारी दल में शामिल अधिकारी
इस कार्रवाई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी वरुण कुमार रजक, पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह, पुअनि आदित्य कुमार, पुअनि राजू कुमार, पुअनि सीताराम डांगी, पुअनि चंदन कुमार तथा खूंटी थाना के रिजर्व सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।

















