रांची/बुण्डू: रक्षाबंधन के अवसर पर बच्चों में रचनात्मकता, देशभक्ति और सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सिम्बायोसिस पब्लिक स्कूल, बुण्डू में डाक विभाग के तत्वावधान में राखी बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अपनी कल्पनाशीलता व हुनर का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने करीब 700 राखियां तैयार कीं। बच्चों द्वारा बनाई गई राखियों में से सर्वश्रेष्ठ तीन राखियों का चयन किया गया। चयनित प्रतिभागियों को कार्यक्रम के दौरान पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि चयनित राखियों को देश की रक्षा में तैनात सैनिकों के लिए भेजा गया। इस पहल के माध्यम से बच्चों को सैनिकों के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना से जोड़ने का प्रयास किया गया।

डाक विभाग के अधिकारियों ने बढ़ाया बच्चों का उत्साह
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाक विभाग के सहायक निदेशक अजय कुमार रहे। वहीं मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव मनीष कुमार भगत और ओएस मेल रमेश ठाकुर बतौर अतिथि कार्यक्रम में शामिल हुए। विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों का नृत्य प्रस्तुति के साथ आत्मीय स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों के लिए सामान्य ज्ञान क्विज का भी आयोजन किया गया। इसमें बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लिया और विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देकर अपनी जानकारी का प्रदर्शन किया।
रक्षाबंधन गीत से बांधा समां
विद्यालय के संगीत शिक्षक सुभाष गोस्वामी ने रक्षाबंधन के अवसर पर मधुर गीत प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थियों और अतिथियों का मन मोह लिया और पूरा माहौल उत्साहपूर्ण हो गया।
आसपास के क्षेत्रों के डाक अधिकारी भी रहे मौजूद
कार्यक्रम में आसपास के क्षेत्रों से डाक विभाग के कई शाखा प्रबंधक भी मौजूद रहे। इनमें रिशिता कुमारी (ताऊ), शिवांगी कुमारी (सोनाहातू), स्वाति कुमारी सिंह (तैमारा), आदित्य कुमार (राहे) और महिपाल सिंह मुंडा (नवाडीह) प्रमुख रूप से शामिल हुए।
देशभक्ति और रचनात्मकता को बढ़ावा देने की पहल
विद्यालय के निदेशक अली अल अराफात और प्राचार्या तराना बेगम ने कहा कि इस तरह के आयोजन बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के साथ-साथ उनमें देशभक्ति, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करते हैं। सैनिकों के लिए राखियां तैयार कर उन्हें भेजना बच्चों के लिए विशेष अनुभव रहा। इससे विद्यार्थियों को यह संदेश मिला कि देश की रक्षा में तैनात जवानों के प्रति सम्मान और अपनापन व्यक्त करने के कई रचनात्मक माध्यम हो सकते हैं।

















