रांची:रांची के बुंडू अनुमंडल की वर्षों पुरानी मांगों और मौजूदा जनसमस्याओं को लेकर आजसू पार्टी का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को राजभवन पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन से मुलाकात कर बुंडू में सिविल कोर्ट की स्थापना और स्मार्ट मीटर से हो रही परेशानियों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में संजय महतो, राजकिशोर कुशवाहा, श्याम महतो, भयभंजन महतो, मो. सेराज, आकाश महतो, जिला परिषद सदस्य परमेश्वरी सांडिल और भाजपा नेता दीपक साहू शामिल थे।
22 साल बाद भी नहीं बना सिविल कोर्ट
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को बताया कि बुंडू अनुमंडल के गठन के 22 वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक यहां व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट), जेल और कोषागार की स्थापना नहीं हो पाई है।
उन्होंने इसे प्रशासनिक विफलता बताते हुए कहा कि न्यायिक ढांचे के अभाव में आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दूरी के भ्रामक आंकड़ों पर विवाद
प्रतिनिधियों ने कहा कि सरकार द्वारा उच्च न्यायालय में बुंडू से रांची की दूरी महज 30 किलोमीटर बताना पूरी तरह गलत है।
वास्तव में तमाड़ और सोनाहातू के सुदूर इलाकों से रांची की दूरी 90 से 95 किलोमीटर तक है। ऐसे में लोगों को न्याय के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
3.5 लाख आबादी पर सीधा असर
बुंडू, तमाड़, सोनाहातू, राहे और तैमारा थाना क्षेत्र की करीब 3.5 लाख आबादी को छोटे-छोटे न्यायिक कार्यों के लिए भी रांची जाना पड़ता है।
इससे खासकर गरीब और ग्रामीण तबके के लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है और समय की भी बर्बादी हो रही है।
स्मार्ट मीटर से बढ़ी परेशानी
प्रतिनिधिमंडल ने स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर भी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि स्मार्ट मीटर में तकनीकी गड़बड़ियां हैं और उपभोक्ताओं को अधिक बिलिंग का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने मांग की कि इस व्यवस्था में सुधार किया जाए या फिलहाल इसे रोका जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।
क्या बोले राजकिशोर कुशवाहा
“बुंडू की जनता पिछले दो दशकों से बुनियादी न्यायिक सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है। सरकार द्वारा कोर्ट में गलत भौगोलिक आंकड़े प्रस्तुत करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हम मांग करते हैं कि सही तथ्य सामने लाए जाएं और बुंडू में जल्द से जल्द सिविल कोर्ट की स्थापना की जाए।”
राज्यपाल ने दिया आश्वासन
राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता से सुना और इस पर सकारात्मक पहल करने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर संबंधित विभागों के साथ चर्चा की जाएगी।
हजारों लोगों के समर्थन का दावा
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि इस मांग को लेकर क्षेत्र में व्यापक जनसमर्थन है। बुंडू नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों, जिला परिषद सदस्यों और हजारों आम लोगों ने हस्ताक्षर अभियान के जरिए इस मुद्दे को मजबूती दी है।
सभी जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर में मांग की है कि सरकार न्यायालय के समक्ष सही आंकड़े प्रस्तुत करे और बुंडू में जल्द से जल्द सिविल कोर्ट की स्थापना सुनिश्चित करे, ताकि लाखों लोगों को राहत मिल सके।

















