साहिबगंज: झारखंड के साहिबगंज जिले के बरहरवा थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव से एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। 14 वर्षीय आयुष कुमार की मौत पहले संदिग्ध लग रही थी, लेकिन पुलिस जांच में जो सच्चाई सामने आई, वह रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली है।
घटना 7 फरवरी की रात की है। आयुष का शव घर के पास स्थित एक पोखर से बरामद किया गया था। शुरुआत में मामला डूबने या हादसे का माना जा रहा था, लेकिन बेटे की मौत से सदमे में डूबे पिता हेमंत कुमार साहनी ने बरहरवा थाना में आवेदन देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
पिता की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और हर पहलू पर जांच शुरू कर दी।
परिवार के अंदर ही घूमने लगी शक की सुई
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिवार के सदस्यों के साथ-साथ ग्रामीणों से भी पूछताछ की। तकनीकी साक्ष्य, घटनास्थल की स्थिति और परिस्थितिजन्य तथ्यों को जोड़ने पर पुलिस को मामला सामान्य नहीं लगा।
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, पुलिस का शक घर के अंदर ही किसी पर गहराता चला गया। इसके बाद जब संदिग्धों से सख्ती से पूछताछ की गई, तो पूरे मामले का सनसनीखेज खुलासा हो गया।
अवैध संबंध बना मासूम की मौत की वजह
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आयुष की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसकी अपनी माँ मीनू देवी और उसके चचेरे देवर रोहित शाह ने मिलकर की है।
पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच पिछले कई वर्षों से अवैध संबंध थे। घटना की रात आयुष के पिता घर पर मौजूद नहीं थे। इसी का फायदा उठाकर मीनू देवी ने रोहित शाह को घर बुलाया।
इसी दौरान आयुष ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। उसने इसका विरोध किया और पूरी बात अपने पिता को बताने की बात कही। यही बात दोनों के लिए डर और सामाजिक बदनामी का कारण बन गई।
राज खुलने के डर से रची गई खौफनाक साजिश
संबंध उजागर होने और बदनामी के भय से दोनों ने मिलकर आयुष को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने मिलकर आयुष का गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद घटना को हादसा दिखाने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को घर के पास स्थित पोखर में फेंक दिया गया, ताकि किसी को शक न हो।
लेकिन पुलिस की सूझबूझ और लगातार जांच के कारण सच्चाई ज्यादा दिनों तक छिप नहीं सकी।
एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल का बयान – “तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से खुला मामला”
बरहरवा के एसडीपीओ नितिन खंडेलवाल ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह मामला पहले संदिग्ध मौत का था, लेकिन जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
उन्होंने बताया कि:
– घटनास्थल और परिस्थितियों का गहन निरीक्षण किया गया
– परिवार के सदस्यों से विस्तृत पूछताछ की गई
– तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को जोड़ा गया
पूछताछ के दौरान मीनू देवी और रोहित शाह टूट गए और पूरी घटना कबूल कर ली। एसडीपीओ ने बताया कि दोनों ने मिलकर गला दबाकर हत्या की और शव को पोखर में फेंक दिया।
दोनों आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मीनू देवी और रोहित शाह को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
गांव में सनसनी, लोग स्तब्ध
घटना के खुलासे के बाद रतनपुर गांव सहित आसपास के इलाकों में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि एक माँ अपने ही बेटे के साथ इतनी क्रूर घटना को अंजाम दे सकती है।
यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सामाजिक भय, अवैध संबंध और बदनामी का डर इंसान को किस हद तक अमानवीय बना सकता है।
एक मासूम की मौत और रिश्तों की शर्मनाक सच्चाई ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। यह घटना सवाल खड़े करती है – क्या सामाजिक डर और गलत रिश्ते इंसान को इतना निर्दयी बना सकते हैं?

















