MMDR संशोधन के खिलाफ तमाड़ विधायक विकास कुमार मुंडा का मोर्चा, तीन प्रखंडों में JMM का धरना; राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

MMDR संशोधन के विरोध में तीन प्रखंडों में JMM का धरना, राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन

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रांची: खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 को लेकर झारखंड में सियासी विरोध तेज है। इसी क्रम में शनिवार को तमाड़ विधानसभा क्षेत्र के तमाड़, बुंडू और अड़की प्रखंडों में झारखंड मुक्ति मोर्चा की ओर से धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में तमाड़ विधायक विकास कुमार मुंडा भी पहुंचे। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रखंड प्रशासन के माध्यम से सौंपा गया।

तमाड़ विधानसभा के तीनों प्रखंडों में JMM का प्रदर्शन

झामुमो कार्यकर्ताओं ने MMDR संशोधन अधिनियम को लेकर विरोध दर्ज कराते हुए राज्य के खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकारों और आर्थिक हितों का मुद्दा उठाया। पार्टी की ओर से कहा गया कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े फैसलों में राज्य तथा स्थानीय लोगों के हितों को महत्व दिया जाना चाहिए।

धरना कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने संशोधन अधिनियम पर पुनर्विचार की मांग की। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन संबंधित प्रखंड प्रशासन के माध्यम से भेजा गया।

विधायक विकास कुमार मुंडा ने कहा- खनिज संपदा के साथ राज्य के हित भी जरूरी

धरना-प्रदर्शन में शामिल तमाड़ विधायक विकास कुमार मुंडा ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, लेकिन खनिज संपदा वाले राज्य और यहां रहने वाले लोगों के हितों को भी समान रूप से महत्व मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि विकास की प्रक्रिया के साथ जल, जंगल, जमीन और खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकारों की रक्षा भी जरूरी है। विधायक ने यह भी कहा कि खनन से जुड़े फैसलों में स्थानीय लोगों के हित, रोजगार, पर्यावरण और प्रभावित परिवारों के अधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।

विकास कुमार मुंडा का आरोप- राज्यों के आर्थिक अधिकार प्रभावित होंगे

विधायक ने MMDR संशोधन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि नए प्रावधान राज्यों की आर्थिक और प्रशासनिक भूमिका को कमजोर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को खनिज संसाधनों से मिलने वाला कर और राजस्व जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है।

विकास कुमार मुंडा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार का यह कदम राज्यों के लिए आर्थिक मुश्किलें बढ़ा सकता है। उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे खनिज संपदा वाले राज्य को अपनी प्राकृतिक संपदा से जुड़े राजस्व और अधिकारों के मामले में पर्याप्त भूमिका मिलनी चाहिए।

राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन, कानून पर पुनर्विचार की मांग

धरना-प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन प्रखंड प्रशासन के माध्यम से सौंपा गया। ज्ञापन में MMDR संशोधन को लेकर पार्टी की आपत्तियां दर्ज कराते हुए झारखंड के संवैधानिक एवं वित्तीय हितों की रक्षा की मांग की गई।

झामुमो का कहना है कि खनिज संसाधनों से जुड़े किसी भी बदलाव का असर राज्य की अर्थव्यवस्था के साथ-साथ उन समुदायों पर भी पड़ता है, जिनका जीवन जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ा हुआ है।

राज्यभर में JMM ने किया विरोध प्रदर्शन

यह प्रदर्शन केवल तमाड़ विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा। 19 सितंबर को झामुमो कार्यकर्ताओं ने झारखंड के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर MMDR संशोधन के खिलाफ धरना दिया। PTI के मुताबिक पार्टी ने संशोधन कानून वापस लेने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

बुंडू में हुए कार्यक्रम की स्थानीय रिपोर्टिंग में भी राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन के जरिए झारखंड के अधिकारों और जल-जंगल-जमीन तथा खनिज संसाधनों से जुड़े हितों की रक्षा की मांग सामने आई है।

MMDR संशोधन पर केंद्र का क्या है पक्ष?

वहीं, इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का रुख JMM के आरोपों से अलग है। केंद्र का कहना है कि संशोधन का उद्देश्य खनिज क्षेत्र में स्थिरता और एक समान वित्तीय व्यवस्था सुनिश्चित करना है। केंद्र के अनुसार राज्यों के भूमि और खनिज अधिकार खत्म नहीं किए जा रहे हैं और खनन क्षेत्र से मिलने वाला बड़ा हिस्सा राज्यों को मिलता रहेगा।

दरअसल, MMDR संशोधन को लेकर विवाद का मुख्य केंद्र राज्यों के खनिज संसाधनों से जुड़े अधिकार और राजस्व व्यवस्था है। झारखंड में JMM इसे राज्य के आर्थिक और संवैधानिक अधिकारों से जोड़कर विरोध कर रहा है, जबकि केंद्र सरकार संशोधन को खनिज क्षेत्र में सुधार और स्थिरता से जोड़कर देख रही है।

तमाड़ विधानसभा क्षेत्र में हुए इस धरना-प्रदर्शन के जरिए झामुमो ने स्थानीय स्तर पर अपना विरोध दर्ज कराया है। अब इस मुद्दे पर पार्टी की ओर से आगे की आंदोलनात्मक और राजनीतिक रणनीति क्या रहती है, इस पर नजर रहेगी।

प्रदर्शन में झामुमो के पदाधिकारियों की रही मौजूदगी

धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रखंड अध्यक्ष कलेश्वर मुंडा, प्रखंड सचिव प्रेम यादव, कोषाध्यक्ष बिरसा मुंडा, विधायक प्रतिनिधि शिवनाथ मुंडा, अशरफ अंसारी, जमील अंसारी, लखन मुंडा, कृष्णा मुंडा, नगर अध्यक्ष बबलू कुंडू, प्रदीप मुंडा, अरविंद कुमार, मोनू जायसवाल, हर्षवर्धन शर्मा और उमेश महतो समेत झामुमो के कई नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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