रांची/बुंडू: पाँचपरगना क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण सामने आया है। बुंडू स्थित साउथ प्वाइंट पब्लिक स्कूल के पूर्ववर्ती छात्र हिमांशु और हरेकृष्ण ने जेईई मेंस परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय, परिवार और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। हिमांशु ने 98.60 परसेंटाइल तथा हरेकृष्ण ने 96.70 परसेंटाइल अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
दोनों सफल छात्र पाँचपरगना के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान साउथ प्वाइंट पब्लिक स्कूल, बुंडू के विद्यार्थी रह चुके हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई इसी विद्यालय से पूरी की। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से स्कूल परिसर के साथ-साथ पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

स्कूल की मजबूत नींव बनी सफलता की कुंजी
सफल विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने विद्यालय, शिक्षकों और परिवार को दिया। उन्होंने बताया कि साउथ प्वाइंट पब्लिक स्कूल में कक्षा 9वीं से ही उन्हें ओलंपियाड एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष मार्गदर्शन दिया जाता था। नियमित कक्षाओं के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं पर केंद्रित विशेष कक्षाओं का आयोजन किया जाता था।
छुट्टी के दिनों में भी विशेष सत्र आयोजित कर विद्यार्थियों को परीक्षा पैटर्न, पाठ्यक्रम, समय प्रबंधन और मॉडल प्रश्नपत्रों के माध्यम से तैयारी कराई जाती थी। इस व्यवस्थित और निरंतर मार्गदर्शन के कारण आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की चुनौतियों का सामना करना उनके लिए आसान हो गया।
क्षेत्र में खुशी की लहर, लोगों ने दी बधाई
दोनों छात्रों की सफलता की खबर मिलते ही बुंडू और पाँचपरगना क्षेत्र के प्रबुद्धजनों ने खुशी जताई। स्थानीय लोगों ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके माता-पिता और शिक्षकों की सराहना की। सफल विद्यार्थियों के अभिभावक भी अपने बच्चों की इस उपलब्धि से बेहद खुश और गौरवान्वित हैं।
प्राचार्य सुभाष कुमार पाटनी का संदेश
“मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से मिलती है सफलता”
साउथ प्वाइंट पब्लिक स्कूल के प्राचार्य सुभाष कुमार पाटनी ने विद्यार्थियों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि पूरे विद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने दोनों छात्रों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल पढ़ाई ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करना है।
उन्होंने कहा कि विद्यालय आगे भी इसी प्रकार विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन देता रहेगा।
लगातार मार्गदर्शन और कड़ी मेहनत ने दिलाई बड़ीसफलता
इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सही दिशा, नियमित अभ्यास और दृढ़ संकल्प के साथ ग्रामीण और छोटे शहरों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। हिमांशु और हरेकृष्ण की सफलता अब क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
विद्यार्थियों की इस सफलता से बुंडू एवं पाँचपरगना क्षेत्र में खुशी की लहर है। स्थानीय लोगों ने दोनों छात्रों को बधाई देते हुए इसे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया। शिक्षकों ने कहा कि मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से ही ऐसी सफलता संभव होती है।

















