रांची: रांची के सोनाहातू में अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ विरोध तेज हो गया है। प्रखंड प्रमुख विक्टोरिया देवी ने अंचल कार्यालय के मुख्य गेट के सामने एकदिवसीय भूख हड़ताल कर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। दिनभर चले इस अनशन के बाद शाम में अनशन समाप्त कर दिया गया, लेकिन प्रमुख ने स्पष्ट किया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रमुख विक्टोरिया देवी ने आरोप लगाया कि सोनाहातू क्षेत्र में लंबे समय से बालू माफिया सक्रिय हैं और प्रशासन की अनदेखी के कारण अवैध कारोबार धड़ल्ले से जारी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में पहले ही सोनाहातू थाना प्रभारी और अंचल अधिकारी को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन अब तक बालू तस्करों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
सोनाहातू से बुंडू होते हुए रांची तक दिन-रात हो रहा अवैध बालू का परिवहन
प्रमुख के अनुसार, क्षेत्र के विभिन्न बालू घाटों से दिन और रात दोनों समय बड़ी संख्या में ट्रक और हाइवा के माध्यम से बालू की ढुलाई की जा रही है। ये गाड़ियां सोनाहातू से बुंडू होते हुए सीधे रांची तक पहुंच रही हैं। इससे एक ओर सरकार को राजस्व का भारी नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लगातार भारी वाहनों के परिचालन से ग्रामीण सड़कों की स्थिति खराब हो रही है और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों को धूल, शोर और सड़क जाम जैसी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है।
प्रमुख ने यह भी बताया कि अवैध बालू परिवहन का असर पर्यावरण और वन्यजीवों पर भी पड़ रहा है। रात-दिन वाहनों की आवाजाही से हाथियों के पारंपरिक रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। इसके कारण हाथी आबादी वाले क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे मानव-हाथी संघर्ष और जनहानि का खतरा बढ़ गया है।
विक्टोरिया देवी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अवैध बालू कारोबार पर सख्ती से रोक नहीं लगाई गई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर सड़क जाम किया जाएगा। साथ ही बालू घाटों पर भी धरना-प्रदर्शन कर बड़े स्तर पर आंदोलन चलाया जाएगा।
स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से अवैध बालू खनन और परिवहन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
फिलहाल, प्रमुख के एकदिवसीय अनशन के बाद प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। अब देखना होगा कि अवैध बालू माफिया के खिलाफ कब तक प्रभावी कार्रवाई की जाती है।

















